REMNANT पत्रिका

बच्चे

छोटी रामोना का घमंड

एक सच्ची कहानी

मूल अंकThe Heartbeat of The Remnant · ग्रीष्म 2020 · खंड 24 · संख्या 2
धातु के चरागाह-द्वार के पास एक बड़े कुत्ते के बगल में खड़ी छोटी लड़की

रामोना* एक छोटी-सी लड़की थी, जो बहुत व्यस्त और फुर्तीली रहती थी। दूसरे चार साल के बच्चों की तरह, रामोना भी बहुत-सी चीज़ें कर सकती थी। वह साइकिल चला सकती थी, पेड़ पर चढ़ सकती थी, बर्तन धो सकती थी, अपना नाम लिख सकती थी और अकेले अपनी छोटी घोड़ी की सवारी कर सकती थी। रामोना को घोड़ों की सवारी करना बहुत पसंद था। उसके परिवार के पास दो घोड़े और एक छोटी घोड़ी थी। वे शामें कितनी मज़ेदार होती थीं, जब वे अपनी छोटी घोड़ी टोनी को गाड़ी में जोतते और परिवार के सभी लोग बारी-बारी से सवारी करते। या जब रामोना और उसकी तीन बहनें टोनी की पीठ पर सवार होकर घूमने जातीं।

रामोना बहुत-सी चीज़ें कर सकती थी, लेकिन कभी-कभी उसे लगता था कि वह उससे ज़्यादा कर सकती है जितना सचमुच कर पाती थी। और कभी-कभी उसे लगता था कि वह असल में जितनी बड़ी थी, उससे बड़ी है।

गर्मियों की एक सुहानी शाम, कुछ मेहमान रामोना के घर आए। जब मेहमान आते, तो आम तौर पर इसका मतलब होता था कि खूब मज़ा आएगा।

उस खास शाम, रात के खाने के बाद, रामोना के बड़े भाई-बहन मेहमानों के साथ घोड़ों की सवारी कर रहे थे। तालाब के चारों ओर और घास के मैदान में दौड़ते हुए उन्हें देखकर बड़ा मज़ा आ रहा था। रामोना भी सवारी करना चाहती थी, लेकिन उसे अपनी बारी का इंतज़ार करना था। इंतज़ार करते हुए वह कुत्ते क्लिफ़र्ड के साथ मैदान में खेलने लगी। जल्द ही वह उससे ऊब गई और साइकिल पर चक्कर लगाने चली गई। तभी उसके मन में एक विचार आया। वह दौड़कर चरागाह के प्रवेश-द्वार तक गई और फाटक पर चढ़ गई। उसे बंदर होने का नाटक करना अच्छा लगता था—वह सलाखों पर झूलती और ऊपर-नीचे चढ़ती। फिर उसने एक सलाख पर संतुलन बनाने और फाटक से हाथ हटाने की कोशिश की। उसके भाई-बहन और मेहमान पास ही घोड़ों की सवारी कर रहे थे। रामोना ने हवा में बाँहें उठाईं और फाटक पर संतुलन बनाते हुए सवारों को पुकारा, “मुझे देखो! मुझे देखो!” फाटक पर संतुलन बनाते हुए उसे लगा कि वह बहुत बड़ी हो गई है। अचानक उसका पैर फिसला और वह धूल में जा गिरी। उसने हैरानी से पलकें झपकाईं और जल्दी से उठकर अपनी पोशाक झाड़ने लगी। उसने शर्मिंदा होकर इधर-उधर देखा, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया था। वह फिर फाटक के किनारे पर चढ़ी और खेलने लगी। अपनी सवारी की प्रतीक्षा करते-करते रामोना अधीर हो गई। ऐसा लगता था कि किसी को याद ही नहीं था कि वह घोड़ों की सवारी करना चाहती थी। उसने सोचा कि यह देखना मज़ेदार होगा कि वह फाटक पर कितनी ऊँचाई तक संतुलन बना सकती है, इसलिए वह जितना साहस कर सकती थी, उतना ऊपर चढ़ गई। वह चाहती थी कि दूसरे देखें कि वह कितनी बहादुर है, इसलिए बाँहें लहराते हुए चिल्लाई, “अरे, सब लोग! मुझे देखो!” लेकिन फिर उसका पैर फाटक से फिसल गया। इस बार, हालाँकि, वह ज़मीन पर गिरने से बाल-बाल बची। रामोना के पिता ने उसे देख लिया और उसके पास आए। “रामोना,” उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूँ कि तुम फाटक से दूर रहो।”

रामोना नीचे उतरी और करने के लिए कुछ और ढूँढ़ने लगी। कुछ देर खेलने के बाद, फाटक से दूर रहने का पिता का आदेश उसके मन से निकल गया, और वह फिर फाटक पर चढ़ने लगी। तभी रामोना की बड़ी बहन एलिस उसके पास आई और धीरे से बोली, “रामोना, तुम्हें हमारे मेहमानों के सामने दिखावा नहीं करना चाहिए।” रामोना को यह सलाह पसंद नहीं आई। बात एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकल गई। उसने अपने मन को समझाया कि वह दिखावा नहीं कर रही थी! वह तो बस… खैर, बस खेल रही थी।

वह जितना ऊँचा चढ़ सकती थी, चढ़ गई और एक बार फिर हवा में बाँहें लहराते हुए पुकार उठी, “सब लोग, मुझे देखो!” अचानक, इससे पहले कि उसे समझ आता कि क्या हो रहा है, वह धड़ाम से ज़मीन पर आ गिरी और ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी। हाँ, उसे कुछ दर्द हुआ था, लेकिन उसे सबसे ज़्यादा सदमा लगा था और शर्मिंदगी महसूस हो रही थी।

रामोना के पिता उसके पास आए, उसे उठाया, यह पक्का किया कि उसे गंभीर चोट नहीं लगी थी, और उसे गोद में उठाकर घर ले गए। बाहर अभी उजाला था और शाम भी जल्दी थी, लेकिन वे उसे ऊपर उसके बिस्तर पर ले गए।

उसे बिस्तर पर सुलाने से पहले, उन्होंने उससे बात की। रामोना अब भी रो रही थी, और पापा ने उसके आँसू पोंछने की कोशिश की। “रामोना, सुनो, क्या तुम थोड़ी देर चुप रह सकती हो? तुम्हें क्या लगता है, तुम क्यों गिरीं?” उसने सुड़कते हुए नाक खींची और कंधे उचकाए। पापा ने आगे कहा, “अगर तुमने मेरी आज्ञा मानी होती और फाटक से दूर रहतीं, जैसा मैंने तुमसे कहा था, तो तुम नहीं गिरतीं। एलिस ने भी तुमसे दिखावा करना बंद करने को कहा था, लेकिन तुमने उसकी बात नहीं मानी। क्या तुम जानती हो कि दिखावा करना असल में घमंड है? बाइबल कहती है, विनाश से पहले गर्व होता है, और ठोकर खाने से पहले घमंडी मन। –नीतिवचन 16:18

रामोना ने सिर हिलाया। “क्या तुम्हें मेरी आज्ञा न मानने का अफ़सोस है, रामोना?” पापा ने पूछा। “हाँ, पापा, मुझे अफ़सोस है,” उसने आँसू भरी आवाज़ में जवाब दिया। पापा ने तय किया कि इस बार उसके गिरने और जल्दी बिस्तर पर भेजे जाने को ही उसकी सज़ा रहने देंगे। रामोना चाहती कि जल्दी बिस्तर पर जाने के बजाय उसे पिटाई की सज़ा मिलती; जल्दी सोने जाना उसके छोटे-से दिल के लिए बहुत बड़ा दुख था। लेकिन यह उसके लिए अच्छा था, क्योंकि इससे उसे पश्चात्ताप हुआ।

रामोना इस सीख को कभी नहीं भूली—कुछ इसलिए कि वह गिर गई थी, और कुछ इसलिए कि उसे जल्दी बिस्तर पर भेज दिया गया था और वह घोड़ों की सवारी का मज़ा नहीं ले पाई थी। उसने न केवल दिखावा करके घमंड किया था, बल्कि जान-बूझकर पापा की आज्ञा भी नहीं मानी थी।

एलिस ने उस पद के लिए एक धुन बनाई थी जिसका ज़िक्र पापा ने रामोना से किया था। उसके बाद से, जब भी रामोना वह गीत गाती, उसे याद आता कि वह पद उसके लिए कितना सच साबित हुआ था।

यह वह गीत है जिसे रामोना गाती थी:

गीत-संगीत की पांडुलिपि: “विनाश से पहले गर्व होता है, और ठोकर खाने से पहले घमंडी मन।”

*इस लेख में नाम बदल दिए गए हैं

हरे-भरे चरागाह में घोड़ों के साथ दो छोटी लड़कियाँ

पत्रिका का संदर्भ

छोटी रामोना का घमंड. Lydia M. Bauman Shreve, OH. The Heartbeat of The Remnant, ग्रीष्म 2020 · खंड 24 · संख्या 2. मूल पृष्ठ 18–19.

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